Macdonald की सफलता की कहानी

Macdonald Success Story

दोस्तों आज हम बात करेंगे MacDonald की सक्सेस स्टोरी के बारे में मैकडॉनल्ड आज दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी फास्ट फूड की रेस्टोरेंट है। यह कंपनी 119 कंट्री में फैली हुई है। मैकडॉनल्ड रोजाना एक करोड़ Burger सेल करता है। लाख लोग रोजाना मैकडॉनल्ड का विजिट करते हैं । आज के टाइम में कंपनी का टर्नओवर अरबों रुपए में है पर क्या आप जानते हैं इतनी बड़ी यह कंपनी  कैलिफोर्निया के छोटे से रेस्टोरेंट्स से शुरू हुई थी इसकी शुरुआत दो भाइयों ने मिलकर की थी

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परंतु इस कंपनी की सक्सेस का क्रेडिट रे क्रोक हो जाता है जो इस कंपनी से 1954 में जुड़े थे MacDonald की सक्सेस के बारे में जानने से पहले हमें Rey Kroc के बारे में जानना होगा Rey Kroc का जन्म 5 अक्टूबर 1910 को अमेरिका के एक पार्क लियोन में हुआ था । वह बहुत ही गरीब फैमिली में पैदा हुए थे । उन्होंने 15 साल की उम्र में अपनी डेट ऑफ बर्थ को बदल दिया और पहले वर्ल्ड वॉर के समय रेडक्रॉस में एंबुलेंस के ड्राइवर बन गए लेकिन वर्ल्ड वॉर के खत्म होते ही उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया । फिर उन्होंने पेपर के गिलास बेचने शुरू किए।

 कुछ साल तक यही काम करने के बाद उन्होंने एक लोकल रेडियो स्टूडियो में पियानो बजाने का भी काम किया। इस तरह से अलग अलग काम करते करते 25 साल बीत गए। दूसरा वर्ल्ड वॉर खत्म होने के बाद Rey Kroc मिल्क शेक बनाने वाली मशीन बेचना शुरू कर दिया और कुछ सालों तक मशीन बेचने के बाद एक दिन जब उन्होंने अपनी सेल का एनालिसिस किया तो उन्हें पता चला कि उनकी सबसे ज्यादा मशीन कैलिफोर्निया के एक रेस्टोरेंट ने खरीदी थी। वह उस रेस्टोरेंट को देखने कैलिफोर्निया आये , आते ही उन्होंने देखा कि एक छोटा सा रेस्टोरेंट होने के बावजूद वहां लोगों की काफी ज्यादा भीड़ है। Rey Kroc अपनी मिल्क शेक की मशीन बेचने के लिए अमेरिका के बहुत सारे रेस्टोरेंट पर गए थे।

लेकिन उन्होंने ऐसी भीड़ कभी भी नहीं देखी थी । उन्होंने भीड़ में खड़े एक आदमी से पूछा कि आखिर इस रेस्टोरेंट में खास क्या है ।जो यहां इतनी भीड़ लगी हुई है। उस आदमी ने कहा आपको यहां दुनिया का सबसे बेस्ट बर्गर 1 सैंट में मिल जाएगा और आपको ज्यादा टाइम वेट नहीं करना पड़ता ऑर्डर की डिलीवरी का यह कंसेप्ट Rey Kroc को बहुत अच्छा लगा फिर उन्होंने इस रेस्टोरेंट के बारे में और भी कई चीजें पता कि फिर उन्हें पता चला कि रिचर्ड मैकडॉनल्ड और माॅरिशस  मैकडोनल्ड्स के ओनर है । यह दोनों भाइयों ने आपस में मिलकर यह रेस्टोरेंट 1940 में शुरू किया था । लेकिन अब यह इतना सफल नहीं था।

 लेकिन जब 8 साल बाद 1948 में उन्होंने अपने मेनू के कुछ आइटम को हटा दिया और कुछ आइटम का मीनू बनाया फिर उन्हीं पर ही अपना पूरा ध्यान लगा दिया तभी से उन्हें सफलता मिलनी शुरू हो गई। उन्होंने अपने बर्गर और फास्ट फूड बनाने के लिए मशीन का यूज करना शुरू कर दिया था । जिससे उनका बहुत कम टाइम में उनका काम हो जाता था और उन्हें काम करने में ज्यादा समय नहीं लगता था और वह ज्यादा से ज्यादा डिलीवरी दे पाते थे। इसलिए उनका रेस्टोरेंट वहां का सबसे पसंदीदा रेस्टोरेंट बन गया था इन सभी बातों को जानने के बाद Rey Kroc ने दोनों भाइयों से मिलकर खुद के लिए उस रेस्टोरेंट की फ्रेंचाइजी लेने की बात की।

उन्होंने उनकी बात मान ली  और उन्हें फ्रेचफ्रें  दे दी । Rey Kroc ने 15 अप्रैल 1955 को देश में अपना पहला रेस्टोरेंट्स खोला। कुछ ही दिन में देखते देखते उनकी अच्छी सर्विस कम कीमत और फास्ट डिलीवरी के कारण उनका रेस्टोरेंट्स बहुत ज्यादा प्रसिद्ध हो गया।  इससे  Rey Kroc के पास बहुत पैसा आ गया ।


उसके बाद Kroc ने MacDonald Brothers से और भी फ्रेंचाइजी बांटने की मांग की। जिससे और भी शहरों में मैकडॉनल्ड को खोला जा सके । बट मैकडॉनल्स ब्रदर्स ने यह कहकर मना कर दिया कि उनके पास जितना पैसा और जैसा उनका बिजनेस चल रहा है वह उससे बहुत खुश हैं और वह अब और काम नहीं करना चाहते। मैकडॉनल्ड ब्रदर्स ने कहा अगर तुम इस कंपनी के चैन को इतना बढाना ही चाहते हो तो तुम इस कंपनी को खरीद लो और फिर अपनी मनमर्जी से काम करो।

Rey Kroc को मैकडॉनल्स में अपना भविष्य दिखाई दे रहा था । इसलिए उन्होंने कुछ साल तक पैसा जमा किया और पैसा जमा करने के बाद 1961 में 2.7 मिलियन डॉलर्स में और साल का प्रॉफिट का 1.9% Royalty देकर कंपनी को खरीद लिया । फिर क्या था रोक की मेहनत और लगन अच्छी सर्विस की वजह से उनका रेस्टोरेंट की लोकप्रियता तेजी से फैलने लगी । उन्होंने अपने देश के सभी सिटीज में फ्रेंचाइजी देने के बाद दूसरे देशों में भी की फ्रेंचाइजी बांटने का काम शुरू कर दिया । उन्होंने 1 स्टैंडर्ड तैयार किया जिसके आधार पर सभी रेस्टोरेंट को काम करना होता था । 1983 में अपने मरने से पहले तक उन्होंने अपनी कंपनी की फ्रेंचाइजी को 31 देशों तक फैला दिया था।

इंडिया मे MacDonald का सबसे पहला रेस्टोरेंट्स 13 अक्टूबर 1996 में न्यू दिल्ली के वसंत विहार में खोला गया था। तो दोस्तो यह थी MacDonald की  सक्सेस स्टोरी।   एक गरीब फैमिली में जन्म लेने वाले लड़के ने कैसे अपनी असफलताओं से सीख लेते हुए यह दिखा दिया कि अगर आप में कुछ करने का जुनून है । तो इस दुनिया में कुछ भी असंभव नहीं है। दोस्तों अगर आपको यह बायोग्राफी अच्छी लगी हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें और हमें कमेंट करके बताएं कि इस कहानी से आपको क्या सीखने को मिला धन्यवाद।

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